Covid Vaccine कैसे काम करती है? | टीकाकरण क्या है | What is Vaccine?

आज बात करेंगे कि Covid Vaccine हमारे शरीर में कैसे काम करती है? क्या इससे कोई Side effect होता है

जब शुरू शुरू में इस धरती पर इन्सान बसना शुरू हुआ था तो आप सोच सकते है कि उस वक्त

धरती पर खाने लायक कुछ भी नहीं थी वो तो कुछ इंसानों ने अपने आप को जिन्दा रखने के लिए

कुछ न कुछ खाकर गुजारा कर लेते थे। तो इस प्रकार धीरे धीरे लोगो ने अपनी जरुरत की चीजो की पहचानना शुरू किया। और आज हर दिन हर चीज में इन्सान कुछ न कुछ नया नया खोजने की कोशिश करते है, हर समस्या का समाधान करना चाहते है। और लगभग 60 से 80 प्रतिशत तक सफल भी हो जाते हैं। जब से ये दुनिया बनी है तब से हर 100 सालों के अंतराल में इंसानों पर सूक्ष्म जीवों ने हमलाकरके उसे नुकसान पहुँचाने और उसे खत्म करने की साजिश की है। लेकिन आज इंसानों ने उसे मात दी है, उसे मारकर हमेशा के लिए खत्म कर दिया है लेकिन अभी भी हमारे बीच ऐसी कुछ चीजे हैं जो पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है।

और वो इतना घातक भी नहीं है और नहीं उतना संक्रामण भी नहीं है जितना कि आज कोरोना वायरस

घातक बन चुका है। अगर इस पर जल्द ही काबू नहीं पाया गया तो ये पूरे एक तबके को

एक दिन उखाड़ फेंकेगा आखिर ये वायरस आया कहाँ से पहले तो ये बहुत कमजोर था लेकिन कुछ समय पश्चात ये इतना खतरनाक हो गया की अगर कोई इन्सान कोरोना पॉजिटिव हो जाता है और उसे सही समय पर इलाज और एंटीबायोटिक्स नहीं मिला तो उसकी महीने भर में मृत्यु हो जाती है, कोरोना वायरस आज इतना भयावह रूप ले चुकी है।

Corona पहले के मुकाबले इस बार अधिक भयावाह है

देख के विश्वास ही नहीं होता है की ये इतना जल्दी इंसानों पर हावी कैसे हो सकता है,

और ये इतना कम समय में ये इंसानों कैसे मार सकती है? जब ये दिसम्बर 2020 शुरू हुई थी और आज के कोरोना वायरस में बहुत अंतर है आज का जो मौत ratio है पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा है। आज जितने भी कोरोना मरीज वेंटीलेटर पर जाते है उसमे 1 तिहाई लोग ही बच पाते है। अब बात करते ही Covid Vaccine के बारे में कि ये हमारे लिए ये कितना कामगार है, क्या इससे जान बचाई जा सकती है? क्या ये Covid Vaccine कोरोना मरीज को लगाई जा सकती है? अगर लगा दिया जाये तो क्या होगा? अभी तक देश में कितने वैक्सीन बन चुकी है। भारत में कौन कौन सी वैक्सीन बनाई गई है?वैक्सीन की कीमत क्या है? राज्य में केंद्र में, सरकारी अस्पताल में प्राइवेट अस्पताल में।

Corona Virus की बनावट कैसी है? ये किस चीज से बनी होती है?

पहले जान लेते है कि कोरोना वायरस की बनावट कैसी है? जितने भी वायरस है ये होते हैं सब RNA आधारित पर बने होते हैं। और हमारा शरीर DNA आधारित पर बनी होती है, वायरस RNA होने की वजह से इसकी जानकारी निकालने में काफी वक्त लग जाता है। वह कौन से कौन से Genetic Material से मिलकर बने होते हैं, इसका पता लगाने के बाद ही इसका वैक्सीन बनाया जा सकता है। वैक्सीन बनाने के बाद पहले वायरस को जानवरों पर Trial किया जाता है, उसमे देखा जाता है कि कहीं इसका कोई साइड इफ़ेक्ट तो नहीं है इससे जान का कोई खतरा तो नहीं है। उसके बाद वैक्सीन की मंजूरी लेनी पड़ती है, उसके बाद ही इंसानों को लगाया जाता है।

Covid Vaccine कैसे काम करती है?

ये जितने भी वैक्सीन है सब RNA आधारित पर बनाई गई है, जिसमे कोरोना वायरस के जैसा हुबहू नकली वायरस बनाया गया है। जो RNA आधारित है, ये नकली कोरोना वायरस को हमारे शरीर में प्रवेश कराया जाता है जो नुकसान दायक नहीं होता है बस हमारे शरीर को एहसास दिलाया जाता है की कुछ कोरोना के जैसा ही कुछ हमारे शरीर आया है जो हमारे शरीर को नुकसान पहुँचाने वाला है इससे हमारे शरीर का Immune System Alert हो जाता है और हमारा शरीर एंटीबाडीज बनानी शुरू कर देती है जो लगातार बनती रहती है। क्योंकि जब हमारे शरीर में असली वाला कोरोना वायरस घुसता है तो हमारे Immune system को इसे समझने में काफी समय लग जाता है और तब तक बहुत देर हो जाती है।

इसलिए पहले नकली वाला वायरस हमारे शरीर में डाल कर हमारे शरीर केimmune system को Active यानि सक्रिय किया जाता है ताकि हमारा शरीर एंटीबाडीज बनानी शुरू कर दे और जब इसी दौरान गर असली वाला कोरोना वायरस हमारे शरीर में घुस जाता है तो बड़े आसानी सेमार देता है क्योंकि पहले से ही तैयार हमारे शरीर में एंटीबाडीज उस कोरोना वायरस पर हमला कर देता है और उसको उसी समय घेर करके शुरुआत में ही उसे नष्ट कर देता है शुरू में हमारे शरीर में कुछ ही कोरोना वायरस घुसते है जिसको मारना उस समय आसान हो जाता है क्योंकि उससे कहीं ज्यादा हमारे शरीर में एंटीबाडीज बन के तैयार होकर उसके इन्तेजार में बैठी रहती है उससे लड़ने के लिए।

भारत का Covid Vaccine Covaxin किस आधार पर बनी है?

भारत का जो Covaxin है उसे भारत Biotech ने बनाई है, जिसे असली वाला Corona virus से ही मिलाकर

बनाया गया है। क्योंकि भारत वाले कुछ अलग ही करते हैं, उसका दिमाग अलग ही चलता है। इस Covaxin में

असली वाला ही कोरोना वायरस है लेकिन इसमें जो वायरस डाला गया है वह बहुत ही कमजोर है, उसके अन्दर के जो Genetic Material उसे अच्छे से कुच दिया है उसे किसी लायक नहीं छोड़ा है। वह गर हमारे शरीर में घुसकर अपना वंश पैदा भी करता है तो वह कमजोर वंश पैदा करता है इतना कमजोर की वह हमारे शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। और जब ये वैक्सीन के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करता है तब कुछ समय पश्चात् हमारा immune system अलर्ट हो जाता है और एंटीबाडीज बनानी शुरू कर देती है और उसे बड़े आसानी से मार देती है। इस दौरान शरीर में बस हल्का फुल्का बुखार आता है जिसे सामान्य Medicine लेकर ठीक किया जा सकता है।

भारत का Covid Vaccine Covaxin किस आधार पर बनी है?
ऊपर जो आप देख रहे हैं सबसे ऊपर की जो तस्वीर है वो कोरोना का कमजोर वायरस है और नीचे जो है वो शक्तिशाली वायरस है

इस दरमियान हमारे शरीर में बहुत सारा एंटीबाडीज बन कर तैयार हो जाती है, और जब शक्तिशाली कोरोना वायरस

हमारे शरीर में घुसता है तब उसकी संख्या ज्यादा नहीं होती है और हमारा एंटीबाडीज काफी मात्रा में बन कर तैयार रहती है किसी वायरस से लड़ने के लिए। और जब ये वायरस शरीर में घुसता है। तो हमारे शरीर के सारे एंटीबाडीज उसको घेर करके उसके Spike प्रोटीन पर ही चिपक जाता है।

जिससे कि वह हमारे फेफड़े के cell में receptor के माध्यम से घुस नहीं पाता है,

और बाहर ही घुमते घुमते वायरस नष्ट हो जाता है। हमारे देश में सिर्फ Covaxin ही बनाई गई है।

अभी तक देश में कितने Covid Vaccine बन चुके हैं?

करीब करीब देखा जाये तो अभी तक पुरे worldwide में 6 – 7 के करीब Corona के Vaccine बनाई जा चुकी है

  1. Covidshield
  2. Covaxin
  3. Phizer/ Pfizer
  4. Novavax vaccine
  5. Sputnik-V Vaccine

बात गर Covidshield vaccine की करे तो इसे भारत ने नहीं बनाया है बल्कि इसको University of Oxford और Astra Zeneca ने मिलकर बनाया है। जिसका नाम भारत में Covidshield दिया गया है, भारत वासियों को ये वैक्सीन आसानी से मिल सके इसके लिए इसे भारत में Production किया जा रहा है। जिसका उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ पुणे इंडिया में किया जा रहा है, जिसका SEO है आदर पुणे वाला।

वहीं Covaxin भारत में बनाई गई जिसको Bharat Biotech ने बनाया है, जिसमे असली वाले कोरोना वायरस को

कमजोर करके वैक्सीन बनाया गया है।

Novavax vaccine – इसे UNO ने बनाया हैं जो अफ्रीका के लिए है जिसमे भारत का भी योगदान है

Phizer अमेरिका का है इसे -70 डिग्री पर रखा जाता है जो की भारत में संभव नहीं है।

Sputnik-V Vaccine जिसे रूस ने बनाया है।

Hand Sanitizer क्या है? ये कैसे काम करती है?

Hand Sanitizer भी हमारी सुरक्षा में अहम् रोल निभाता है, Hand Sanitizer का मुख्य काम होता है

हाथ में जितने भी कीटाणु या फिर कोरोना के वायरस होते हैं उसे मारने का काम करते है। ये अब काम कैसे करती है जब हम किसी के संपर्क में आते है या कोई ऐसी चीज को छूते हैं जिसमे छोटे सूक्ष्म कीटाणु या फिर कोरोना वायरस हो सकते है और वहां से वो वायरस हमारे हाथों में बड़े आसानी से चिपक जाते हैं। और कोई भी चीज खाने के दौरान वह वायरस हमारे शरीर में घुस जाता है, लेकिन गर हम उस वक्त Hand Sanitizer का इस्तेमाल करते हैं तो उसी वक्त हमारे हाथ में चिपके वायरस मर जाते हैं।

हैण्ड sanitizer जब हम हाथ में लगते है और हाथ को रगड़ते है या मलते है तो हाथ में जीतने भी वायरस होते हैं उसकी खोपड़ी होती या ऊपरी परत/कवच होते हैं उसे फाड़ देता है जिससे उसके अन्दर के सारे genetic material बाहर निकल जाता है निकल जाने के बाद वायरस कोई काम का नहीं होता है।

corona virus RNA Genetic material

अगर हम Sanitizer पी जायेंगे तो क्या होगा?

अगर हमने Sanitizer पी लिया तो हमारे फेफड़े के Cell में लगे receptor होते है,

Human cell receptor
ऊपर जो आप हरे रंग का देख रहे है ये हमारे शरीर के cell के receptor है जिसके माध्यम से
कोई भी चीज बड़े आसानी से घुस जाता है

उसे उखाड़ देगा नोच देगा जिससे उस इन्सान की जान भी जा सकती है।

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Anshuman Choudhary

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