5G Technology in India | definition | PPT | upsc | Danger

ये 5G Technology ( प्रौद्योगिकी ) क्या है? ये किस आधार पर काम करती है? क्यों हर जगह 5G Technology ( प्रौद्योगिकी ) का

विरोध किया जा रहा है इसके इस्तेमाल पर लोग पाबंदी लगाने की मांग क्यों कर ररहें हैं।

आज इसी के बारे में पूरी गहराई से जानेंगे। क्या इसके आने से हमारे शरीर को नुकसान हो सकता है?

आज इन्ही कुछ कारणों से 5G Technology का हर जगह विरोध किया जा रहा है, क्या कारण है 5G टेक्नोलॉजी का बहिष्कार करने का, कुछ लोगों का मानना है की इसके रेडिएशन से Skin Cancer ( त्वचा कैंसर ) होता है, लेकिन ये अभी तक साबित नहीं हुआ है और किसी ने इस पर अच्छे से रिसर्च भी नहीं किया है।

5G Technology ( प्रौद्योगिकी ) क्या है? | What is 5G technology?

4G LTE Network के बाद अब 5th Generation की 5G टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) नेटवर्क लेन की तैयारी में

कुछ कंपनियां लगी है, जिसमे से कुछ ने तो Trial भी शुरू कर दिया है।

और कुछ ने तो कर भी लिया है। 5G technology Network में क्या क्या खासियते होंगी इससे मानव जीवन पर

क्या क्या प्रभाव पड़ने वाला है? ये 5G नेटवर्क में आपको जो सबसे पहली सुविधा मिलने वाली वो है High Speed Internet जिसकी औसत स्पीड 250MB से 350MB प्रति Second होने वाली है गर आप कोई 1GB का कोई फाइल Download करते है। तो उसमे करीब 35 से 45 second लगेंगे जो फ़िलहाल काफी फ़ास्ट है वैसे कम्पनियों का दावा है की 5G की मैक्सिमम स्पीड 1GB/s तक भी हो सकती है। इसके अलावा 5G technology Network की सहायता से Ultra low latency (अत्यलप विलंबता ) यानि की असाधारण रूप से कम सहनशीलता के साथ बहुत अधिक मात्रा में Data को Customized ( अनुकूलित ) करके Processed ( संसाधित ) कर सकते हैं।

ये टेक्नोलॉजी Actual ( वास्तविक ) समय तक पहुँचने और तेजी से बदलते डेटा Reaction को Support करती है कुछ ऐसा डिज़ाइन इस टेक्नोलॉजी में इस्तेमाल किया गया है। और Seamless coverage ( निर्बाध कवरेज ) मिलता है इसका मतलब बिना किसी रुकावट के एक चीज से दूसरी चीज में बगैर किसी fault और गलती के बढ़िया Perfomance देना।

हाल में ही Reliance Jio ने Made in India 5G Network Connectivity को लांच करने की घोषणा की है।

5G Technology में कई विभिन्न Technologies मिला हुआ है जिसके आधार पर 5G नेटवर्क काम करती है।

  • mmWave  – Millimeter Wave मिलीमीटर वेव
  • Multiple input multiple output – बहुत सारे उपयोगकर्ता ( MIMO – बहुविध आगत और बहुविध निर्गत) 
  • Small Cell Stations (छोटे सेल स्टेशन )
  • Mobile edge Computing (MEC) 

Benefits of 5G | Advantage Disadvantage

Benefits of 5G | Advantage Disadvantage
  • 5G Technology के आने से High quality video को बड़े आसानी से  streaming कर सकते हैं बीच में कीड़ी भी तरह की रुकावट नहीं आएगी। इसमें आप बहुत ही speed Data को Storage कर सकते है, विभिन्न प्रकार के व्यापारों में Cloud के माध्यम से संस्थानों और नागरिको के बीच बेहतर Communications कर Application की गति को Fast कर उपभोक्ताओं के Experience में सुधार किया जा सकता है। 
  • किसी उपकरण ( equipment ) द्वारा दूसरे उपकरण को डेटा के भेजने में लगने वाले समय को सन्दर्भित ( Referenced ) करती है। 4G में विलंबता दर ( latency rate) लगभग 50 मिली Second है, लेकिन 5G इसे करीब 1 मिली सेकेंड तक पहुंचा देगी। 
  • Internet of things (IoT) का विस्तार – 5G टेक्नोलॉजी द्वारा स्मार्ट शहर का Infrastructure (अवसंरचना), traffic management, जितने भी उद्योग क्षेत्र हैं सभी को 5G टेक्नोलॉजी के माध्यम से जोड़ना जिससे सारा काम Automated हो जायेगा जिससे उत्पादन क्षमता भी बढ़ जाएगी और इसमें ज्यादा लोगो की जरुरत भी नहीं पड़ेगी बस Technical Management के लिए 1 – 2 Technician की जरुरत पड़ेगी।

5G Technology का इस्तेमाल कहाँ कहाँ किया जा सकता है?

  • इससे कृषि क्षेत्र में भी बहुत सहायता मिलेगी, Agricultural sector में 5G Technologies की मदद से खेती करना,
  • स्मार्ट तरीके से सिंचाई, Advanced मृदा और फसल निगरानी में मदद, पशुओं के  पोषण और
  • उसके रखरखाव में Advanced Technologies का इस्तेमाल
  • Manufacturing sector में 5G टेक्नोलॉजी का उपयोग करके ऐसा काम को करना जो इंसानों के के हाथ में नहीं है। और उसे सही ढंग से करना क्योंकि कभी कभी ऐसा काम आ जाता है जो इन्सान नहीं कर सकता है लेकिन इस टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स के जरिये इसे सुगम बनाया जा सकता है और कुछ हद तक बहुत जगह इसको प्रयोग में लाया भी जा रहा है।
  • Health care sector में 5G टेक्नोलॉजी का उपयोग करके आपातकालीन स्थिति में बहुत ही कम समय में
  • नाजुक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से काबू करना, Operation, Surgery में मदद, बहुत अधिक ट्रैफिक होने की वजह से
  • Drono की मदद लेकर 5G टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके उस ड्रोन को हैंडल करके उसे आपातकालीन जगह पर पहुंचाने में मदद किया जा सकता है। लेकिन अभी भारत सरकार ने Drono पर कुछ पाबंदियां लगाई है, जिसका Process बहुत लम्बा चौड़ा है।

5G Radiations से मानव जीवन को क्या खतरा है?

इससे पहले भी कई बार मोबाइल टावरो से निकलने वाले Radiations का दुष्प्रभाव देखने को मिला जिसमे छोटे मोटे

जितने भी पंछी थे वो लगभग गायब हो गए कारण टावर से निकलने वाले Radiations,

Radiations बहुत तरह के होते हैं और उसके Advantage और Disadvantage भी अलग अलग होते हैं। Radiations खुली जगह में चारो तरफ Flow करता रहता है जैसे हवा चलती रहती है इसको हम देख नहीं सकते हैं, Radiations से पंछियो को ज्यादा नुकसान होता है क्योंकि Radiations के प्रभाव को पंछियाँ सह नहीं पाती ह, जिसके कारण उसकी मौत हो जाती है।

वहीं मानव पर भी Radiations का प्रभाव पड़ता है जिसमे Skin Cancer हो सकता है Brain ट्यूमर हो सकता है।

और कई अन्य गंभीर बीमारियाँ भी हो सकती है, कुछ लोगो का मानना है की 5G Radiations के ही कारण

आज यानि 2020 और 21 में कोरोना वायरस फ़ैल रहा है, लेकिन लोगो की अवधारणा बिलकुल भी गलत है।

क्या 5G Radiations कोरोना फ़ैल रहा है? सच्चाई क्या है?

ऐसा संभव है ही नहीं, 5G Radiations से हमारे शरीर को tissue इन्फेक्शन जरुर हो सकता है लेकिन Radiations वायरस पैदा नहीं कर सकती है। क्योंकि इस तरह का वायरस पहले भी आ चुका है 2003 के आसपास सार्स वायरस जो चाइना से ही फैला था लेकिन ये आज तक पुष्टि नहीं हो पाई है की ये वायरस खुद पैदा हुई है या फिर बनाया गया है या फिर गलती से बन गया है। ये आज तक एक रहस्य बना हुआ है लेकिन इसके पीछे सच्चाई क्या है चाइना वाले भी बताना नहीं चाहते हैं, जहाँ से आज कोरोना वायरस पुरे दुनिया में फ़ैल चुका है। और अभी तक इसका प्रभाव हर देश में देखने को मिल रहा है लेकिन जहाँ से इसकी उत्पत्ति हुई थी आज वह कोरोना मुक्त है ये कैसे संभव हो सकता है अभी तक उसने कोई वैक्सीन भी नहीं बनाई है।

WHO ने अभी तक चाइना के किसी भी तरह के वैक्सीन को पेटेंट की मंजूरी नहीं दी है।

फिर भी वो कोरोना के दुष्प्रभाव से इतना जल्दी कैसे मुक्त हो सकता है ये सोचने वाली बात है, चाइना कुछ छिपा तो जरुर रहा है हो सकता है। इसके साथ कोई और देश भी मिला हो या फिर इसकी कोई एक टीम हो जिसके द्वारा वायरस को इतना कम समय में एक से दूसरे देश में ट्रांसमिशन किया गया हो। आज के दौर में कुछ भी हो सकता है जितना देखने में चाइना वाले बेवकूफ लगते है वैसा है नहीं। वो दुसरो को बेवकूफ बनाने में आगे है आज ऐसे ही नहीं सब चीजो की कॉपी बड़े आसानी से कर लेता है ये वायरस क्या चीज है।

चाइना सरकार के अधीन कई Bio रिसर्च सेण्टर है जहाँ पर छोटे छोटे जीवो पर अध्ययन किया जाता है।

और इसके बारे में बाकि देशो को ज्यादा जानकारी भी नहीं है, न वहां पत्रकारों को लिखने की आजादी है।

और जो सरकार के खिलाफ कुछ जरा सा भी बोल देता है उसे तुरंत बंदी बना लिया जाता है वहां की न्यूज़ आपको

ज्यादा नहीं मिलेगी और मिलेगी भी तो कुछ खास नहीं, who ने तो वहां अच्छे से जाँच भी नहीं किया

जहाँ से कोरोना की उत्पत्ति हुई थी। न जाने कोरोना की आड़ में कौन सा Business चला रहा है।

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Anshuman Choudhary

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