How does a vaccine work | antigen definition biology

तो आज इस blog में आप जानेंगे की Vaccine किस तरह हमारे शरीर में काम करती है।

ये Antibodies हमारे शरीर में कैसे बनती है, और कहाँ बनती है आज इसी के बारे में अच्छे से जानेंगे।

आज जिस तरह से Corona ने पूरे Worldwide में अपना कहर ढाहा है

ऐसा ऐसा कहर हर 100 सालो में आती रहती है इस Mystery को आज तक कोई समझ नहीं पाया है।

आखिर कोरोना हमारे शरीर में कैसे प्रवेश करती है? ये किस तरह लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है कि जिससे इंसान की मौत हो जाती है। आज इसी विषय में चर्चा करेंगे और जानेंगे की आखिर Vaccine किस तरह बनायीं जाती है कि वो सीधे वायरस पर हमला करती है।

कोरोना वायरस कैसे फैलती है? | Vaccine कैसे काम करती है?

कोरोना किसी कोरोना मरीज के संपर्क में आने से ही एक दूसरे के Droplets से फैलती है।

How does a vaccine work | antigen definition biology
खांसते समय हमारे शरीर से निकलता हुआ Droplets

जब कोई कोरोना संक्रमित इंसान खांसता या छीकता है तो उसके मुंह से कुछ droplets ( बहुत छोटे छोटे तरल बूंदे ) निकलती है, जो सामान्य आँखों से देखा नहीं जा सकता है, ये बहुत ही सूक्ष्म होते हैं। और ये छोटे छोटे droplets हमारे शरीर में कब प्रवेश कर जाती है पता भी नहीं चलता। इसलिए कहा जाता कि एक दूसरे से करीब 2 मीटर की दुरी बनाये रखे, ये Droplets ज्यादा दुरी तय नहीं कर सकता। कोरोना वायरस हमारे शरीर पर कैसे हमला ( Attack ) करती है? और इससे हमारी मृत्यु कैसे हो जाती है? ये एक बड़ा सवाल है। इसके बारे में पुरे विस्तार से बताएँगे।

Types of coronavirus | definition |  structure | Vaccine

कोरोना वायरस के दो भाग होते है बाहर वाले जो नुकीले Type का होते हैं उसे spike प्रोटीन कहते है। जो हमारे शरीर में प्रवेश करने में मदद करती है, अगर ये spike प्रोटीन नहीं होता तो ये हमारे शरीर में प्रवेश नहीं कर पाता न किसी को Tissue को नुकसान पहुंचा पाता और न ही कोरोना वायरस से किसी की मृत्यु होती। और इसके अंदर जो गुच्छे की तरह होते हैं उसे आनुवंशिक सामग्री यानि Genetic material कहते है, जो RNA ( Ribonucleic acid ) से मिलकर बनी होती है।

Types of coronavirus | definition |  structure | Vaccine
How does a vaccine work | antigen definition biology

Genetic material हमारे शरीर में प्रवेश करने के बाद हमारे ही शरीर में अपने जैसी हुबहू नई संतान यानि अपने जैसे बहुत सारे वायरस को पैदा करने लगती है हमारे ही Cell की मदद से, जिसकी संख्या एक समय एक थी वो धीरे धीरे हमारे फेफड़े में लाखो फिर करोड़ो तक पहुँच जाती है। और बढती ही रहती है ये रुकने का नाम ही नहीं लेती है, ये जो spike प्रोटीन होते है ये सिर्फ हमारे फेफड़े को ही टच कर सकता है, बाकि ये हमारे शरीर के किसी भी सेल यानि कोशिका में घुस या प्रवेश नहीं कर सकता है, जब ये हमारे फेफड़े में घुसता है तो ये फेफड़े को टच तो कर सकता है लेकिन ये हमारे फेफड़े के Cell यानि कोशिका में प्रवेश नहीं कर सकता है।

कोशिका झिल्ली ( Cell membrane) में कौन प्रवेश कर सकता है?

लेकिन हमारे फेफड़े के जो  कोशिका ( Cell )  होती है वो बहुत ही सेंसेटिव ( Sensitive ) यानि संवेदनशील होती हैं,

हमारे शरीर में जितने भी कोशिका होती है, हर किसी की अपनी एक कोशिका झिल्ली ( Cell membrane) होती है।

जो एक प्रकार की सुरक्षा कवच का काम करती है जो अनावश्यक पदार्थो को कोशिका में घुसने नहीं देती है,

ये सिर्फ कुछ ही चीजो को को हमारे शरीर के कोशिकाओं में घुसने देती है

जिसमें विटामिन, प्रोटीन और अन्य कुछ जरुरी पदार्थ शामिल है, जो बेकार चीजो को अंदर जाने नहीं देती है। गर हमारे शरीर के किसी कोशिका में कुछ नया पदार्थ या चीज प्रवेश करने की कोशिश करता है तो वह चीज हमारे शरीर के कोशिका झिल्ली ( Cell membrane ) में लगे Receptar ( ग्रहण करनेवाला ) के माध्यम से ही घुस सकता है अन्यथा कोई दूसरा रास्ता नहीं है हमारे कोशिका के कोशिका में घुसने का।

हमारे शरीर के फेफड़े में एक Receptar लगा होता है जो किसी चीज को अंदर खींचने का काम करती है।

कोरोना वायरस में लगे नुकीले टाइप के spike प्रोटीन की मदद से ही ये हमारे शरीर में

कोशिका झिल्ली में लगे Receptor ( ग्रहण करनेवाला ) के द्वारा चिपक करके Cell में प्रवेश कर जाती है, और उसके बाद अपना सारा ब्यौरा या कहे अपना Genetic की जानकारी दे देता है, और खास करके सबसे ज्यादा हमारे फेफड़े में ही प्रवेश करता है क्योंकि हमारे फेफड़े का जो कोशिका ( Cell ) ऊतक ( Tissue ) जो होते हैं बहुत ही सेंसेटिव ( Sensetive ) यानि संवेदनशील होती है।

हमारे फेफड़े के Receptor क्या है? कैसे काम करती है?

हमारे फेफड़े के जो Receptor होती है उस पर कोरोना वायरस spike प्रोटीन की मदद से चिपककर चली जाती है।

How does a vaccine work | antigen definition biology
ये हरे रंग वाला Receptor है

और उसे Receptor अपने अन्दर खिंच भी लेती है, अन्दर जाने के बाद ये हमारे फेफड़े के Cell में

अपना Genetic material RNA जाकर मिल जाता है और match करने लगता है, कोरोना वायरस हमारे फेफड़े के Cell में घुसने के बाद हमारे दूसरे डिपार्टमेंट में घुसता है हमारे शरीर के nuclear के पास फिर वहां से वो हमारे शरीर के ribosome में पहुँचता है ribosome हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आनुवांशिक पदार्थों  RNA और DNA को प्रोटीन शृंखला में परिवर्तित करने का काम करती है। एक तरह से देखा जाये तो ये हमारे शरीर का ज़ेरॉक्स मशीन का काम करता है जो किसी चीज का उसी के जैसा हुबहू बनाने का काम करती है। अब कोरोना वायरस  ribosome के पास पहुँच जाता है, ribosome को पता भी नहीं होता है की उसे किस किस चीज का ज़ेरॉक्स करना है।

उसके पास कोई भी आनुवांशिक पदार्थ पहुँचता है वह उसका ज़ेरॉक्स कर देता है,

उसे सही गलत का पता तक नहीं होता है, इस तरह कोरोना वायरस या अन्य वायरस यहाँ से अपनी जैसी

ही नई नई संतान बनाने का काम करने लगती है कोरोना वायरस भी यहाँ से अपनी जैसी नई नई संताने बनाने लगती है, और धीरे धीरे इसकी संख्या लाखो करोड़ो तक पहुँच जाती है और ये पुरे फेफड़े में फ़ैल जाती है, इससे आपको पता चल गया होगा कि हमारे शरीर में गर एक भी कोरोना वायरस घुस जाता है, तो वह किस प्रकार धीरे धीरे हमारे ही शरीर की मदद से वह एक से अनेक और लाखो करोड़ो अपनी जैसी नई नई वायरस संताने बनाने लगती है। और हमारे ही शरीर को नुकसान पहुँचाने लगती है।

हमारे पुरे फेफड़े में फ़ैल जाती है और उसमे आक्सीजन जाने का रास्ता तक नहीं छोड़ती

जिससे इन्सान को सांस लेने में तकलीफ होती है और आक्सीजन की कमी से या आक्सीजन फेफड़े तक

न पहुँचने के कारण उस कोरोना संक्रमित इन्सान की मृत्यु हो जाती है।

Immune system कैसे काम करती है?

जब ये कोरोना वायरस हमारे पूरे फेफड़े में फ़ैल जाती है, और फेफड़े के हर कोने में सिर्फ कोरोना वायरस ही नजर आने लगती है।

इतना सारा वायरस देखकर हमारा जो प्रतिरक्षा तंत्र ( Immune system ) होता है वो Active हो जाता है, और और ये स्वाभाविक है। और उसे एहसास हो जाता है वह हमारे लिए बहुत खतरनाक है और उससे लड़ने का प्रयास करने लगती है हमारा Immune system वायरस से लड़ना शुरू कर देती है लेकिन ये ऐसा वायरस है कि उस वक्त उसे मार नहीं पाता है ये और ये वायरस लगातार हमारे Ribosome की मदद से अपनी नई नई संताने generate करवा लेती है।

ये हमारा Immune system कुछ कुछ वायरसों को तो बड़े आसानी से मार देता है,

लेकिन ये कोरोना वायरस को नहीं मार पाती है इसकी बनावट ( Structure ) ही कुछ अलग है,

हमारे Immune system और वायरस के बीच जो लड़ाई होती है हमारा जो प्रतिरक्षा तंत्र होता है।

Immune system Antibodies कैसे बनाती है? | antigen definition biology

हमारे Immune system शरीर को वायरस से बचाने का अथक प्रयास करता है, इस दौरान हमारे शरीर का Temperature बढ़ जाता है जिसके कारण हमारा शरीर गर्म हो जाता है जिसे बुखार लगना भी कहते है, immune system जब हमारे शरीर को वायरस से बचाने का काम करती है तो  हमारे शरीर का Temperature बढ़ जाता है और हमें बुखार हो जाता है। कोरोना वायरस की संख्या हमारे शरीर में बहुत अधिक तादाद में बढ़ जाती है जिसको मारना संभव नही हो पाता है। इसके लिए हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र ( Immune system ) एंटीबाडीज Antibodies antigen बनानी शुरू कर देती है

और ये Antibodies कोरोना वायरस के नुकीली टाइप की जो spike प्रोटीन होती है,

जा कर उस पर चिपक जाती है क्योंकि सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यही spike प्रोटीन होती है।

जिसकी सहयाता से कोरोना वायरस हमारे Cell में प्रवेश कर पाती है, जब ये Antibodies कोरोना वायरस के spike प्रोटीन में जा कर चिपक जाती है तो कोरोना वायरस हमारे फेफड़े के Receptar के माध्यम से घुस नहीं पाती है और ये वायरस बाहर में ही घुमते घुमते नष्ट हो जाती है। लेकिन ये जो कोरोना वायरस है इसके पास बहुत सारे spike प्रोटीन होती है इसलिए हमारे शरीर को ज्यादा से ज्यादा Antibodies बनाने की आवश्यकता पड़ जाती है जिसे बनाने में हमारा Immune system थोडा कमजोर पड़ जाता है पीछे रह जाती है।

लेकिन जिसके भी शरीर में Immune system अच्छा होगा मजबूत होगी उसके शरीर में ज्यादा Antibodies बनेगी और उसका शरीर कोरोना वायरस से बड़े आसानी से लड़ सकता है।

लेकिन जिसका भी Immune system कमजोर होगा और  Antibodies कम बनाएगी उसके शरीर पर धीरे धीरे

उस वायरस का कब्ज़ा हो जायेगा और उस इन्सान की दम घुटने से मौत हो जाएगी,

इस कोरोना वायरस Case में भी ऐसा ही होता है।

How to work Vaccine | वैक्सीन कैसे काम करती है?

जब Vaccine हमारे शरीर में लगाया जाता है तो Vaccine बहुत ही अधिक मात्रा में हमारे शरीर Antibodies बनाना शुरू कर देती है और ये Antibodies सीधे कोरोना वायरस के spike material प्रोटीन के ऊपर जाकर चिपक जाती है जिससे उसका सारा spike प्रोटीन का मुंह बंद हो जाता है और कोरोना वायरस हमारे फेफड़े के Cell में प्रवेश नहीं कर पाती है, और ये वायरस किसी दुसरे भाग में ही घुमते घुमते नष्ट हो जाती है और इस तरह Vaccine हमारे शरीर को कोरोना वायरस से बचा लेती है। Vaccine से कुछ खास side effect नहीं होता है इसे कुछ इस तरह बनाया जाता है कि ये सिर्फ उसी चीज में कामगार होता है किसी अन्य कोशिका को नुकसान नहीं पहुंचाता है।

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Anshuman Choudhary

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